तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच कोलाथूर सीट से बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। राज्य की सबसे हाईप्रोफाइल सीटों में शामिल कोलाथूर में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पिछड़ते नजर आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों और जारी मतगणना के आंकड़ों ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
अभिनेता विजय की नई राजनीतिक पार्टी टीवीके के उम्मीदवार वीएस बाबू इस सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं। खबर लिखे जाने तक वीएस बाबू को 41,616 वोट मिल चुके थे, जबकि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के खाते में 33,641 वोट आए थे। इस तरह वीएस बाबू 7,975 वोटों से आगे चल रहे थे।
स्टालिन को चुनौती देने वाले वीएस बाबू कौन हैं?
वीएस बाबू पहले डीएमके से जुड़े रहे हैं और पार्टी के पूर्व विधायक भी रह चुके हैं। उन्होंने साल 2006 में पुरासवाल्कम विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने इस साल फरवरी में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके का दामन थामा। विजय ने उन्हें सीधे मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के खिलाफ कोलाथूर से मैदान में उतारा।
अब मतगणना के बीच जिस तरह से वीएस बाबू बढ़त बनाए हुए हैं, उसने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
तमिलनाडु की राजनीति में TVK का बड़ा धमाका
इस चुनाव में टीवीके ने सभी राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। शुरुआती रुझानों के मुताबिक पार्टी 109 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं डीएमके 60 सीटों और एआईडीएमके 65 सीटों पर आगे चल रही है।
राजनीतिक गलियारों में टीवीके की इस शानदार बढ़त को लेकर लगातार चर्चा हो रही है, क्योंकि यह पार्टी अभी नई मानी जा रही है। अभिनेता विजय ने साल 2024 में इस राजनीतिक दल की शुरुआत की थी। बेहद कम समय में पार्टी का इस स्तर तक पहुंचना तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
23 अप्रैल को हुई थी वोटिंग, आज जारी है मतगणना
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए 23 अप्रैल को मतदान कराया गया था। आज राज्यभर में वोटों की गिनती जारी है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर देर रात तक सभी सीटों के अंतिम नतीजे जारी किए जा सकते हैं।
फिल्मी दुनिया के सुपरस्टार विजय की राजनीति में मजबूत एंट्री
विजय दक्षिण भारतीय सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाते हैं और उन्होंने अपने फिल्मी करियर में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। अब उनकी राजनीतिक पारी भी जोरदार शुरुआत करती दिख रही है। पहली बार विधानसभा चुनाव मैदान में उतरी उनकी पार्टी ने जिस तरह प्रदर्शन किया है, उसने तमिलनाडु की राजनीति का समीकरण बदल दिया है।
